अल्जीरिया में राई संगीत का इतिहास

राई संगीत अल्जीरिया के पश्चिम से निकला, खासकर ओरान और ओरानी क्षेत्र से। यह शुरू में चमकदार निर्यात संगीत नहीं था; यह शादियों, कैफ़े, रात की महफ़िलों और रोज़मर्रा की भाषा से आया। “राई” का अर्थ राय या दृष्टिकोण से जुड़ता है, इसलिए इसकी असली ताकत साफ़ बोलने में है।

ओरानी की जड़ें

शुरुआती राई मेलहून कविता, बेदुइन लयों और अल्जीरियाई अरबी गायन से जुड़ी थी। gasba, guellal, derbouka और bendir जैसे वाद्य पहले थे; बाद में अकॉर्डियन, वायलिन, ट्रम्पेट, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक वाद्य आए।

राई प्रेम, इच्छा, प्रवास, अकेलापन, शराब, सामाजिक दबाव और स्वतंत्रता पर गाती रही। UNESCO इसे सामाजिक वास्तविकता को बिना वर्जना और सेंसरशिप के व्यक्त करने वाली संगीत परंपरा बताता है।

Cheikha Rimitti की खुली आवाज़

Sidi Bel Abbès के पास जन्मी Cheikha Rimitti ने राई को निर्भीक आवाज़ दी। उन्होंने उन विषयों को गाया जिन्हें समाज अक्सर छिपाना चाहता था।

1970 और 1980 के दशक में ओरान आधुनिक राई का केंद्र बना। कैसेट ने संगीत को बाज़ारों, शादियों और घरों तक तेज़ी से पहुँचाया।

ओरान, कैसेट और आधुनिक राई

Khaled, Cheb Mami, Cheb Hasni, Cheb Sahraoui और Cheba Fadela ने इसे युवा पीढ़ी की आवाज़ बनाया। 1985 के ओरान उत्सव ने पहचान बढ़ाई; बाद में पेरिस और प्रवासी समुदाय ने इसे दुनिया तक पहुँचाया।

आज भी जीवित विरासत

2022 में राई UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल हुआ। फिर भी यह संग्रहालय की वस्तु नहीं है; यह अल्जीरियाई जीवन की जीवित आवाज़ है।

उपयोग किए गए स्रोत