मालेक हद्दाद

जीवन

मालेक हद्दाद का जन्म 5 जुलाई 1927 को कॉन्स्टेंटीन में हुआ, जहां उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पूरी की। उन्होंने कुछ समय अध्यापन किया और 1954 में कानून पढ़ने के लिए Aix-en-Provence गए। वे पत्रिकाओं और साप्ताहिकों से जुड़े, यात्राएं कीं, Camargue में काम करने की कोशिश की और फिर पेरिस में रेडियो से जुड़े।

राष्ट्रीय संघर्ष के दौरान उन्होंने FLN के लिए सोवियत संघ, मिस्र और भारत में मिशन किए। स्वतंत्रता के बाद वे कॉन्स्टेंटीन लौटे और 1965 से 1968 तक An-Nasr के सांस्कृतिक पृष्ठ का संचालन किया।

रचना और संदर्भ

अप्रैल 1968 से अगस्त 1972 तक हद्दाद सूचना और संस्कृति मंत्रालय में संस्कृति निदेशक रहे। उन्होंने 31 मई से 3 जून 1968 तक हुए पहले राष्ट्रीय सांस्कृतिक सम्मेलन और 1969 के पहले Pan-African Festival में काम किया। जुलाई 1972 में वे फ्रेंच भाषा में सांस्कृतिक उत्पादन से जुड़े अध्ययन और शोध के तकनीकी सलाहकार बने।

स्वतंत्रता के बाद उन्होंने फ्रेंच में साहित्य लिखना बंद करने का निर्णय लिया, क्योंकि उन्हें लगता था कि यह भाषा उन्हें अपने "सच्चे" पाठकों से दूर करती है। उनके उपन्यास और कविताएं अल्जीरियाई साहित्य में भाषा, स्मृति और पाठक के प्रश्नों को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। 2 जून 1978 को अल्जीयर्स में उनका निधन हुआ।

चयनित रचनाएं

  • Le Malheur en danger
  • La Derniere Impression
  • Je t'offrirai une gazelle
  • L'Eleve et la lecon
  • Le Quai aux fleurs ne repond plus
  • Ecoute et je t'appelle