- स्थान
- बातना प्रांत, ऑरेस पर्वतमाला में
- भू-दृश्य
- तहदार पहाड़ी भूभाग में एटलस देवदार के प्राकृतिक आवास, साथ में झाड़ियाँ, घास के मैदान, खड़ी चट्टानें और ढीले पत्थरों वाली ढलानें
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र
- 2015 में यूनेस्को के लिए नामांकन
बेलेज़्मा पर्वतश्रेणी की तहों के कारण उसकी ढलानों का रुख अलग-अलग दिशाओं में है। जंगलों के बाद कहीं माकी झाड़ियों वाले इलाके तो कहीं घास के मैदान आते हैं; खड़ी चट्टानें और ढीले पत्थरों वाली ढलानें आरक्षित क्षेत्र में दूसरी तरह के प्राकृतिक आवास बनाती हैं। ऑरेस की पहचान बने पेड़ों में से एक, एटलस देवदार, इसी विविध भूभाग का हिस्सा है। बेलेज़्मा में पेड़ों को देखने के साथ यह देखना भी दिलचस्प है कि जंगल किस परिवेश में उगा है। तलहटी में खेती और दूसरे कामकाज इस पर्वतीय परिदृश्य को लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जोड़ते हैं।
ऑरेस की एक पर्वतश्रेणी
बेलेज़्मा बातना प्रांत में, ऑरेस की एक पर्वतश्रेणी की ढलानों पर स्थित है। पहाड़ों की सैर का मुख्य केंद्र राष्ट्रीय उद्यान है। उससे अधिक विस्तृत बेलेज़्मा जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में ये प्राकृतिक आवास और तलहटी के वे इलाके भी शामिल हैं जिनसे स्थानीय लोगों की आजीविका जुड़ी है। यूनेस्को के लिए इसका नामांकन 2015 में हुआ था। यात्रा में किस पहलू को अधिक समय देना है, यह तय करते हुए इस व्यापक क्षेत्र को ध्यान में रखना उपयोगी है। देवदार के जंगलों को करीब से समझा जा सकता है, या पहाड़ों और आसपास की खेती वाली ज़मीन के बीच के संबंधों को।
भू-आकृति के साथ बदलता जंगल
अल्जीरिया के देवदार वनों में बेलेज़्मा के प्राकृतिक आवासों का अपना विशिष्ट स्थान है। अलग-अलग दिशाओं में मुड़ी पहाड़ी तहें कई तरह के आवासों को जगह देती हैं। इसलिए वनाच्छादित ढलानें यहाँ वनस्पति और खुली ज़मीन के एक बड़े फैलाव का हिस्सा हैं। किसी एक जगह के पेड़ों को ध्यान से देखना जितना दिलचस्प है, उतना ही इस पूरे परिदृश्य को देखना भी हो सकता है।
इस आरक्षित क्षेत्र में पहाड़ों के साथ नदियाँ भी हैं और खड़ी चट्टानों व ढीले पत्थरों वाली ढलानों के साथ गुफाएँ और खदानें भी। जंगल इस विविध भूभाग का एक हिस्सा है। जंगल की सैर में देखें कि पेड़ों, झाड़ियों और घास के मैदानों के इलाके कहाँ एक-दूसरे में बदलते हैं। वनस्पति के ये बदलाव पहाड़ की बनावट समझने में मदद करते हैं।
घोंसला बनाने के लिए शांत इलाके
बेलेज़्मा ऑरेस में शिकारी पक्षियों के घोंसला बनाने का एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। आरक्षित क्षेत्र के शांत, विविधता भरे और निर्जन हिस्सों से समझ आता है कि यह उनके लिए इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है। मानव गतिविधियों से दूर दिखने वाले इन प्राकृतिक आवासों की पर्वतीय पारिस्थितिकी में अपनी भूमिका है।
पहाड़ों की बनावट देखने निकले हों, तो इस संबंध को ध्यान में रखना उपयोगी है। खड़ी चट्टानों और खुली ज़मीन पर भू-आकृति और वन्यजीवों के आवास एक-दूसरे से जुड़े हैं। पक्षी नज़र न भी आएँ, तो भी इन संबंधों को देखते हुए एक दिन बिताना दिलचस्प हो सकता है। घोंसला बनाने के ये इलाके भी बेलेज़्मा की अहमियत का हिस्सा हैं।
पहाड़ों की तलहटी में खेत
जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में पहाड़ों की तलहटी पर खेती होती है। अनाज की खेती और पशुपालन स्थानीय लोगों की आजीविका के साधनों में शामिल हैं। फल उगाना और मधुमक्खी पालन भी यहाँ के कामकाजी जीवन का हिस्सा हैं। ये गतिविधियाँ जंगल को एक आबाद क्षेत्र से जोड़ती हैं, जहाँ पहाड़ों और खेती की ज़मीन का इस्तेमाल अलग-अलग ढंग से होता है।
मिट्टी के बर्तनों और ऊन से बुने सजावटी वस्त्रों का शिल्प भी यहाँ के कामकाज का हिस्सा है। ऑरेस में दिलचस्पी रखने वाले यात्री देवदार के प्राकृतिक आवासों के साथ इन कामों के बारे में भी जान सकते हैं। दोनों के लिए समय रखने से यह समझने का मौका मिलता है कि ढलानों पर वनस्पति कैसे बदलती है और यहाँ के लोग रोज़ी-रोटी कैसे कमाते हैं।
पनचक्कियाँ और पुरानी बसावट के निशान
रहावेत की पनचक्कियाँ और अब्दूस वेद शाबा के खंडहर जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों में गिने जाते हैं। तेर्शिउइन से रेफ़ा तक के इलाके में चट्टानों पर की गई नक्काशियाँ इसकी विरासत का एक और हिस्सा हैं। पनचक्कियाँ, खंडहर और चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियाँ देवदार के जंगल से परे इस भूभाग में इंसानी मौजूदगी के अलग-अलग रूपों के निशान हैं। इस इतिहास में खास दिलचस्पी हो तो यात्रा की तैयारी करते समय इसी के बारे में पूछताछ की जा सकती है। पड़ावों की लंबी सूची बनाने के बजाय किसी एक विषय को समझने के लिए समय रखें।
पुरातात्त्विक स्थलों के लिए अलग समय रखें
ज़ाना, इमेदग़ासेन, तिमगाद और ताज़ूल्त राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के पुरातात्त्विक स्थल हैं। क्षेत्र की यात्रा-योजना में इनके लिए अलग समय रखें। पहाड़ों की सैर का दायरा और किसी पुरातात्त्विक स्थल को समझने के लिए ज़रूरी समय व ध्यान अलग होते हैं। दोनों को बहुत कम समय में समेटने पर वे बस छोटे-छोटे पड़ाव बनकर रह सकते हैं। तिमगाद की विरासत की पहचान बेलेज़्मा से अलग है।
उद्यान के चुने हुए हिस्से, वहाँ की जाने वाली गतिविधि और मौजूदा पाबंदियों की पुष्टि संबंधित प्राधिकरण से करें। रास्ता और वापसी की व्यवस्था भी पहले तय कर लें। ऐतिहासिक स्थलों तक पहुँच और प्रवेश की स्थिति अलग से जाँचनी होगी; बिना तैयारी के निकली सैर में गुफाओं और खदानों को शामिल न करें। पानी और मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक कपड़े साथ रखें, घोंसला बनाने वाले इलाकों से दूर रहें और खेतों व कारीगरों की कार्यशालाओं में खलल न डालें। प्रकाशीय उपकरण या फ़ोटोग्राफ़ी के विशेष उपकरण साथ ला रहे हों तो यात्रा से पहले अल्जीरिया के सीमा-शुल्क नियम जाँच लें।













